✍️ संपादक – अर्जुन देव सिंह
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रात 11:30 बजे गुल हुई बिजली, पूरी रात परेशान रहे लोग
बरेली के कृष्णा नगर फेस-2 में शनिवार रात लगभग 11:30 बजे बिजली आपूर्ति अचानक बाधित हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली विभाग से संपर्क करने पर पहले बताया गया कि लगभग एक से डेढ़ घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। लेकिन जब रात करीब 2:30 बजे दोबारा जानकारी ली गई, तो बताया गया कि केबल जल गई है और आवश्यक केबल उपलब्ध नहीं है। इसलिए मरम्मत का कार्य सुबह किया जाएगा।
यदि ऐसा हुआ, तो यह केवल एक तकनीकी खराबी का मामला नहीं, बल्कि बिजली विभाग की आपातकालीन तैयारी और कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
24×7 सेवा का दावा, लेकिन रात में व्यवस्था क्यों ठप?
बिजली विभाग अक्सर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति और त्वरित फॉल्ट सुधार का दावा करता है। लेकिन यदि आधी रात को किसी क्षेत्र की बिजली इसलिए बहाल नहीं हो पाती क्योंकि आवश्यक केबल उपलब्ध नहीं है, तो जनता का सवाल स्वाभाविक है—क्या 24×7 सेवा का दावा केवल कागज़ों तक सीमित है?
छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज—क्या किसी ने उनकी परेशानी सोची?
भीषण गर्मी में पूरी रात बिजली न होना केवल असुविधा नहीं, बल्कि गंभीर मानवीय समस्या भी है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, बीमार लोग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इनवर्टर कुछ घंटों में डिस्चार्ज हो जाते हैं। पानी की मोटर बंद हो जाती है, जिससे पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित होती हैं।
ऐसी परिस्थितियों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या विभाग ने आम नागरिकों की इन परेशानियों पर पर्याप्त संवेदनशीलता दिखाई?
क्या पवन विहार हाइडल पावर स्टेशन आपात स्थिति के लिए तैयार नहीं था?
स्थानीय लोगों के अनुसार, पवन विहार हाइडल पावर स्टेशन से यह जानकारी दी गई कि आवश्यक केबल उपलब्ध नहीं है और मरम्मत का कार्य सुबह किया जाएगा। यदि ऐसा है, तो कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आते हैं—
- क्या पावर स्टेशन पर आपातकालीन उपयोग के लिए अतिरिक्त केबल उपलब्ध नहीं थी?
- क्या रात की तकनीकी टीम के पास तत्काल मरम्मत के लिए आवश्यक संसाधन नहीं थे?
- यदि विभाग 24×7 सेवा का दावा करता है, तो पूरी रात इंतजार क्यों कराया गया?
- छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए विभाग क्या ठोस कदम उठाएगा?
जनता जवाब चाहती है
यह संपादकीय किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था से जवाब मांगने के लिए है। यदि स्थानीय लोगों द्वारा बताई गई परिस्थितियां सही हैं, तो संबंधित अधिकारियों को इस पूरे मामले पर अपना पक्ष सार्वजनिक करना चाहिए।
जनता समय पर बिजली बिल जमा करती है। इसलिए जनता यह अपेक्षा भी रखती है कि आपातकालीन स्थिति में विभाग तत्परता, संवेदनशीलता और पर्याप्त संसाधनों के साथ कार्य करेगा। इस घटना की समीक्षा होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को पूरी रात ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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